आओ हाथ बढ़ाये

ऊँच-नीच, जाति-धर्म,
भेदभाव को पाटें ।
दिल दुनिया का जीतें,
प्यार, मुहब्बत बाटें।।
भाई-चारा, चैन-अमन,
और हो खुशी की बातें।
न राह में हो सन्नाटे,
और कभी न बोयें काटें।।
सुखमय बीते दिन सबके,
और हो दीवाली सी रातें।
वसुधैव कुटुम्बकम से बंधे,
जग के सब रिस्ते-नाते।।
लड़ाई झगड़े, दंगे-फ़साद,
न भय का हो माहौल।
जिओऔऱ जीने दो सबको
क्योंकि जीवन है अनमोल।।
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