छत्तीसगढ़ ल बंदव

छत्तीसगढ़ ल बंदव
अउ बंदव इहा किसाने ल भईया
धनहा कटोरा भरे न
हा ग सियनहा धनहा कटोरा भरे न
ए ग किसनहा…धनहा कटोरा…………..
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सुघ्घर हे बोली अउ गुरतुर हे भाखा
खेती किसानी इही हमरे कामे ग भईया
बेलन-दउरी चलत हावे न, कोठार मिसवईया
धनहा कटोरा भरे न…………………….
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महतारी के अचरा हे सब्बो हरियर भूँईया
पड़की परेवा इहाके पहिचान ए रे मैना
खेतखारे म चहकत हावे न , सुवा- मैना
धनहा कटोरा भरे न…………………….
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छत्तीसगढ माटी हे सोना के उपजईया
महानदी दाई छलकावत हावय मया
सबे कोती दउड़त हावे न, संगे अरपा
धनहा कटोरा भरे न…………………….
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मलहारे गावे तईहा के गोठ बतईया
भोलेबबा डीड़िनदाई के हावय इहा छईहा
माटी माटी म बसे हावे न, देवी देवता
धनहा कटोरा भरे न…………………….











