नहले पर दहला

मानस विहार कालोनी में तरह – तरह के पेड़ थे . आम , नीम , जामुन ,पीपल और बरगद भी . जिन पर बहुत सी चिड़ियों का बसेरा था . कालोनी में इलेक्ट्रॉनिक युग का प्रभाव बहुत तेजी से फ़ैल गया था . वहां के निवासियों के पास मोबाईल – टैब – लैपटॉप तो घर-घर में था ही , धीरे-धीरे वहां के पशु – पक्षी तक के पास मोबाइल आ चुके थे . गाय , कुत्ते , चूहे , बिल्ली , गिलहरी से लेकर कौआ , कोयल – कबूतर और इधर – उधर फुदकती गौरैया तक मोबाईल वाले हो गये थे .
फिर तो ये सोशल मीडिया से कैसे दूर रह सकते थे . गोनू गिलहरी तो किसी डाल पर बैठी दिनभर फेसबुक से चिपकी रहती है . मधुर कंठ वाली कोकिल नाम की कोयल जब से एक समाचार पत्र की रिपोर्टर बनी है . लोगों को पल –पल की खबर व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजती रहती है .
मजेदार बात यह है कि वह सारी खबरें कविता में लिख कर देती है . जैसे उस एक दिन की घटना , जब बिल्ली ने चूहों को एसमेस किया था .
तब कोकिल ने समाचार भेजा “पढ़ो – पढ़ो , आज की ताजा खबर . …. एक धमाकेदार खबर ………. विश्वास तो आपको भी नहीं होगा …….. एक विपक्षी में ऐसा हृदय परिवर्तन कैसे हो गया . खबर है कि —
सुबह-सुबह बिल्ली मौसी ने एसमेस कर दिया चूहों को
शाकाहारी हो गये हमसब अब न खाऊँगी अब चूहों को
उसकी इस खबर को कुछ लोग सच मान रहे थे, तो कुछ लोग एक छलावा समझ रहे थे . इसी बीच बिल्ली मौसी ने जो चूहों को एसएमएस किया था . उसे ब्लैकी कौए ने कालोनी के अन्य ग्रुप में भी फॉरवर्ड कर दिया . खबर पढ़ कर सब के मन में यही विचार आ रहा था . अरे तो फिर क्या खायेंगी बिल्ली मौसी ? समाचार कुछ अधूरा सा लग रहा है . एक ब्रेकिग न्यूज की तरह खबर बता कर कोकिल ने छोड़ दिया है .
तभी डॉगी भौं – भौं ने ग्रुप में दो प्रश्न डाल दिए . आखिर बिल्ली ने और क्या कहा है ? चूहे नहीं खाएगी तो क्या खाएगी ? इधर गोनू गिलहरी ने समाचार को फेसबुक पर डाल दिया . खटाखट लाइक और कमेन्ट आने लगे .
गौरैया ने कहा , “ये फेंक न्यूज है .”
गाय ने कहा , “ इसे कहते हैं ‘हृदय परिवर्तन’ , बधाई हो .”
कौए ने कहा ,”किसको बधाई हो चूहे को या बिल्ली को ?”
किसी को पता नहीं है , लेकिन लोग एक दूसरे की देखादेखी फेसबुक पर बधाई भी देने लगे . तभी कोकिल ने ग्रुप में दूसरा समाचार सेंड किया . अभी – अभी बिल्ली मौसी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया है कि —
दिनभर का उपवास रखूंगी शाम को मंदिर जाऊँगी
दूध मलाई खाऊँगी मैं दाल – भात भी खा लूंगी
लोगों को अपने प्रश्न का उत्तर मिल गया था . लेकिन सभी चूहे शांत बैठे थे . चूहों ने सोचा ठीक है . नहीं खाएगी तो अच्छी बात है . उसमें हमे क्या करना है . लेकिन आगे खबर आई कि —
इसी खुशी में सुनों हे चूहों सबको कल पार्क में आना है
खेलें – कूदें शोर मचायें पिकनिक हमें मनाना है
अब चूहों के मन में शंका उठी कि ये बिल्ली हमारे साथ पिकनिक क्यों मानना चाहती है ? .
जो बिल्ली के समर्थक थे , वे अपने विचार ग्रुप में साझा कर रहे थे .“ये अच्छी बात है यदि बिल्ली ने दोस्ती के लिए अपना हाथ बढ़ाया है तो चूहों को भी आगे आना चाहिए .”
चूहों का लीडर कालोनी के बड़े जनरल स्टोर में रहता था . उसने भी खबर पढ़ी . शाम को चूहों की सभा स्टोर में रखे गेहूं – चावल के बोरे के बीच खाली जगह में बुलाई गई . कालोनी के चारों ओर के बिलों से निकलकर बहुत से चूहे एकत्र हुए . इतना ढेर सारा अनाज देखकर चूहों ने अपने नेता से कहा , “ आपके पास तो कई वर्षों के लिए अनाज रखा है .”
“ हाँ ठीक है …… तो आप लोग हमारे घर का राशन देखने आये हो या मीटिग करने आये हो ?” चूहों के नेता ने प्रश्न किया |
“ मीटिंग करने आये हैं .” अधिकतर चूहों ने एक साथ उत्तर दिया .
आधे घंटे मीटिग हुई और तय हुआ कि इसमें हमें फंसना नहीं है . कोई भी चूहा कल पार्क में नहीं जायेगा .
इस बीच कोकिल को पीपल के नीचे रहने वाले एक मोटे चूहे से मीटिग और उनके विचार की खबर लग गयी . बस क्या था चूहों के मीटिंग की खबर पाते ही कोकिल ने ग्रुप में मैसेज दिया कि —
समझ गये चूहे मौसी की कोई नई चाल होगी
हमें फसाने के खातिर ही फैला रही जाल होगी
बिल्ली की चाल पर मीटिंग अभी चल रही थी . एक चूहे ने कहा ,” लेकिन हमें बिल्ली के एस एम एस का उत्तर तो देना ही होगा . नहीं तो लोग हमें डरपोक समझेंगे .”
“ ठीक सोचते हैं आप , उत्तर तो हमें देना ही चाहिए .” चूहों के नेता कहा .
मीटिंग समाप्त होते ही चूहे उस स्टोर से मन पसंद दावत का मजा लेने लगे . एक चूहे को एस एम एस करने की जिम्मेदारी दी गई . थोड़ी ही देर में खबर आई . कोकिल ने ग्रुप में बताया कि चूहों की मीटिंग समाप्त हुई ….. चूहों ने भी बिल्ली को संदेश भेजा है कि —
चूहों ने भी मैसेज कर दी सुन लो मौसी बिल्ली जी
कल क्रिकेट का मैच देखने हम सब जा रहे दिल्ली जी
जिसने भी ग्रुप में खबर पढ़ी . वही बोल पड़ा वाह ये हुई न बात . इसे कहते हैं नहले पर दहला . न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी . एक बार फिर बिल्ली अपनी चाल में विफल हो गयी थी . उसकी सारी योजनाओं पर चूहों ने सोशल मीडिया द्वारा ही पानी फेर दिया था .








