होली के दिन

निकल पड़ी बच्चों की टोली
फिर आई रंगो की होली
पिचकारी से रंग भरे हैं
लाल-लाल कुछ हरे–हरे हैं
पकड़ो – पकड़ो रंग लगाओ
भाग न जाय पकड़ के लाओ
धमा चौकड़ी खूब मचाते
कोई इनसे बच न पाते
दादा सबको हैं समझाते
घूम-घूमकर यही बताते
सूखे रंग अबीर लगाओ
पानी को तुम सदा बचाओ
रंगो के त्यौहार का दिन है
सबके ये सम्मान का दिन है
जीवन में मुस्काना सीखो
सबको गले लगाना सीखो
Click to rate this post!
[Total: 6 Average: 5]











