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लघु कथा
Home›साहित्य›लघु कथा›वो कमरा

वो कमरा

By डॉ.शैल चन्द्रा
December 3, 2022
258
0
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कमरा
“माँ जी दिख नहीं रही हैं? कहीं गई हैं क्या?” राकेश के अभिन्न मित्र प्रशांत ने राकेश से पूछा।
“हां यार,वो क्या है कि घर छोटा पड़ रहा था तो माँ जी को मजबूरन हम लोग वृद्धाश्रम छोड़ आये।”राकेश ने कहा।
“ओह! पर तुम्हारे घर पर तो तीन बेडरूम हैं न? तुम पति-पत्नी एक कमरे में, दूसरे में बच्चे और तीसरे कमरे में तो माँ जी रहा करती थीं तो क्या परेशानी हुई?” प्रशान्त ने थोड़ी नाराजगी दिखाते हुए कहा।
हाँ यार, अब तीसरे कमरे में हमारा डॉगी डब्बू रहता है।क्या है कि बच्चे डॉगी के बिना रह नहीं सकते।”राकेश ने झेंपते हुए कहा।
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