माँ

झल्लाई हुई वह कहती है “इन्हें अभी इसी वक़्त यहाँ से ले जाओ, कहीं भी छोड़ कर आओ, वरना मैं अब इस घर में एक पल भी नहीं रहूंगी | और इन महारानी जी को भी यहाँ आते ज़रा भी लाज नहीं आई |” इतना कहकर पत्नी ने बूढ़ी औरत की तरफ देखा तो पाँव तले ज़मीन ही खिसक गयी | झेंपते हुए बोली “माँ, तुम?” हाँ बेटी – “तुम्हारे भाई- भाभी ने मुझे घर से निकाल दिया | दामाद जी को फोन किया तो वो मुझे यहाँ ले आए |” बुढिया ने कहा, तो पत्नी ने गदगद नज़रों से पति की ओर देखा और खुश होते हुए बोली – “आप भी बड़े वो हैं, डार्लिंग! पहले क्यों नहीं बताया कि मेरी माँ को लाने गए थे ?” माँ तो माँ होती है क्या तेरी क्या मेरी |
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