बिल्ली मौसी

बिल्ली मौसी आती रोज
नहीं किसी से डरती रोज
गुड़िया बोली बिल्ली मौसी
तुमतो दिखती शेरनी जैसी
म्याऊँ – म्याऊँ कर आती हो
दूध मलाई खा जाती हो
खूब सताती सबको रोज
बिल्ली मौसी आती रोज
मेरे घर दावत में आना
दौड़ – दौड़ कर चूहे खाना
गुड़िया के घर मिल गया भोज
बिल्ली मौसी आती रोज
मुझको तुम कुछ न कहना
अब तेरे ही संग रहना
हम दोनों मिल खेलें रोज
बिल्ली मौसी आती रोज
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