आसमान के तारे

सुन्दर-सुन्दर तारे हैं
प्यारे – प्यारे तारे हैं
नभ में प्रतिदिन झूला झूलें
नहीं कभी चमकना भूलें
जगमग दिए सा जलते हैं
हर मौसम को सहते हैं
देखो कितने सारे हैं
तारे प्यारे प्यारे हैं
हुआ अंधेरा बाहर आते
सूरज निकले तो छिप जाते
चन्दा के संग सैर पे जाते
नहीं किसी से ये शरमाते
देखो कितने न्यारे हैं
तारे प्यारे – प्यारे हैं
मामा के संग जागते हैं
सारी रात भागते हैं
बादल में छिप जाते हैं
फिर न बाहर आते हैं
देखो कितने प्यारे हैं
न्यारे- न्यारे तारे हैं
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