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समाज के अतीत व वर्तमान को उजागर करती हैं ये कहानियां
‘अँधेरे के बीच’ जनपद सुल्तानपुर के कहानीकार दिनेश प्रताप सिंह ‘चित्रेश’ की चर्चित कहानियों का एक संग्रह है | जिसमें कुल 14 कहानियां संग्रहीत हैं | ...बाल साहित्य लेखन में आवश्यक है बालमन का होना – डॉ प्रभात त्रिपाठी
साहित्य कला व संस्कृति एवं उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी शहर रायगढ़ के ख्यातिलब्ध बाल साहित्यकार शंभूलाल शर्मा ‘वसंत’ जी के चर्चित बालगीतों का संग्रह “मेरे ...समाज के हर पहलू को स्पर्श करती हैं ‘काव्य तरंग’ संग्रह की कवितायेँ
यह सुखद है कि रायगढ़ में बहुत से युवा साहित्य के प्रति समर्पित हैं | वे नियमित साहित्य का अध्ययन करते हुए सुधी पाठकों के समक्ष ...हाइकु विन्यास में गज़ल
कभी बेकार/ की बातों को/ छोड़ देवें भी, टूटते रिश्तों/को आपस में कभी/जोड़ देवें भी| बड़ी जालिम/ दुनिया की रिवाजें/जिसमें बंधे, ऐसे वैसे को/ दूरिया बनाकर/ ...अपनी–अपनी संतुष्टि
उस दिन जब घंटी बजी तो मैंने ही दरवाजा खोला था | बाहर अखबार वाला था | उसने नमस्ते करते हुए उस माह का बिल पकड़ा ...अंतर्व्यथा
व्यथित मन के घेराव से, न कहीं पर ठाँव, थमते क्यों नहीं हमारे, दोनों हाथ पाँव। आशा रूपी बाणों से, ले कपोत उड़ाय, ...होली के दिन
निकल पड़ी बच्चों की टोली फिर आई रंगो की होली पिचकारी से रंग भरे हैं लाल-लाल कुछ हरे–हरे हैं पकड़ो – पकड़ो रंग लगाओ भाग न ...कैसी व्यथा
सुन प्रभो हर लो दुख त्रासरे। फिर कभी न दिखे यह घाव रे।। यह सभी जन की बहती दशा। कर सके हल ना यह दुर्दशा।। *************** ...आक्रोश का मंथन हुआ है
देखता हूँ आज फिर , आक्रोश का मंथन हुआ है । शहर, गाँव, गली-गली, जिसका अभिनंदन हुआ है।। फिर कहूँगा आँच ये, पिघलेगी या पिघलायेगी । ...









