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      आओ कुछ पेड़ लगायें

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      December 3, 2022
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      आओ हाथ बढ़ाये

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      February 5, 2022
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      क्या लिखूं,कैसे लिखूं ?

      April 27, 2020
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      जीत लें हम, जंग हारी

      April 27, 2020
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      April 27, 2020
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      अब तो हर शख्स को

      April 27, 2020
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      April 11, 2020
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      आँधी

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      बच्चा

      February 18, 2018
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      उसके हिस्से की धूप

      February 5, 2018
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      एक और द्रोणाचार्य

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      स्वतंत्रता प्राप्ति में महिलाओं का योगदान -रानी अवंतीबाई जी

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      December 3, 2022
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      December 3, 2022
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      इस्पात उद्योग के सन्दर्भ में तकनीकी अनुशासन – क्यों और कैसे

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      February 5, 2022
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      लता ललित बहु भांति सुहाई

      April 15, 2020
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      टीवी के आगे बच्चा

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कविता

Home›साहित्य›Category: "कविता"

कविता– कविता कल्पना और विचारों (भावों) का तालमेल है | महान साहित्यकार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने ‘कविता क्या है ?’ शीर्षक से एक महत्वपूर्ण लेख लिखा है | जिसमें उन्होंने बताया है, “भाव सौन्दर्य और नाद सौन्दर्य दोनों के संयोग से कविता की सृष्टि होती है | कविता मनुष्य के ह्रदय को उन्नत करती है और ऐसे-ऐसे उत्कृष्ट और अलौकिक पदार्थों का परिचय कराती है जिसके द्वारा यह लोक, देवलोक और मनुष्य देवता हो सकता है, वे लिखते हैं कि कविता सृष्टि-सौन्दर्य का अनुभव कराती है | जो मनुष्य को सुन्दर वस्तुओं में अनुरक्त करती है | कविता की बोली और साधारण बोली में अंतर है |

  • पेड़
    कविता

    आओ कुछ पेड़ लगायें

    By नरेंद्र श्रीवास्तव
    December 3, 2022
    छोड़ो सब बेकार की बातें,आओ अब कुछ पेड़ लगायें। छाया होगी,फूल खिलेंगें,फल आयेंगे सब मिल खायें।। अपनी सीमा उतनी ही है,दूजे की हो शुरू ...
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  • पढ़ते रहो पाठ प्रेम का
    कविता

    पढ़ते रहो पाठ प्रेम का

    By नरेंद्र श्रीवास्तव
    December 3, 2022
    दो मिला तो तीन को छोड़ा,तीन मिला तो दो को। छोड़ा-छोड़ी क्यों करते हो?गलत है इसको रोको।। चार मिला तो तीन को छोड़ा,पांच मिला ...
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  • आओ हाथ बढ़ाये
    कविता

    आओ हाथ बढ़ाये

    By गुलाब सिंह कँवर
    February 5, 2022
    ऊँच-नीच, जाति-धर्म, भेदभाव को पाटें । दिल दुनिया का जीतें, प्यार, मुहब्बत बाटें।। भाई-चारा, चैन-अमन, और हो खुशी की बातें। न राह में हो ...
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  • बेटी बचावा बेटी पढ़ावा
    कविता

    बेटी बचावा, बेटी पढ़ावा

    By मिलन मलरिहा
    February 5, 2022
    नोनी बाबू एक हे, झिन कर संगी भेद ! रुढ़ीवादी बिचार ला, लउहा तैहा खेद !! लउहा तैहा खेद, समाज म सुधार आही! पढ़ही ...
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  • Writing
    कविता

    क्या लिखूं,कैसे लिखूं ?

    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    हो गया हूं फिर अपरिचित , क्या लिखूं,कैसे लिखूं , रत्नगर्भा ,रक्तरंजित ! क्या लिखूं ,कैसे लिखूं ? सी रही है हवा फिर से ...
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  • जीत लें हम
    कविता

    जीत लें हम, जंग हारी

    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    जीत लें हम ,जंग हारी, यह , हमारी कामना है , वह,सुबह होने को आई, पर अभी कोहरा घना है।। दिल , बहुत हैरान ...
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  • मन की बात
    कविता

    मन की बात कोई ना समझे

    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    मन की बात कोई ना समझे , मन     फिर    चला अकेला । तरुणाई   फिर से है मुखरित, कैसा       अद्भुत        मेला ।। झंकृत   है  यौवन    ...
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  • अब तो हर शख्स को
    कविता

    अब तो हर शख्स को

    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    अब तो हर शख्स को , चिराग  जलाना होगा । अपने अल्फाज में उम्मीदों को सजाना होगा ।। रफ्तार बहुत तेज है बढ़ते हुए  ...
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  • हार गया मन
    कविता

    हार गया मन,जीते-जीते

    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    हार गया मन,जीते-जीते, फटी जिंदगी ,सीते-सीते, अपने ,अंधियारे बीते हैं , मन की मदिरा पीते-पीते। धूप – छांव के ऊपर -नीचे, कैसा यह कोहराम ...
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  • विरोधाभास
    कविता

    विरोधाभास

    By श्याम नारायण श्रीवास्तव
    April 16, 2020
    विज्ञान के निरन्तर बढ़ते कदम नित नये तकनीकों की खोज व प्रयोग सूचना तंत्र का घना होता अंतरजाल सब कुछ समेट रहा है  दुनिया ...
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  • पढ़नें जाना है

    अब तो पढ़नें जाना है

    By प्रमोद सोनवानी
    December 10, 2022
  • एक और द्रोणाचार्य

    एक और द्रोणाचार्य

    By डॉ.शैल चन्द्रा
    December 9, 2022
  • माँ

    माँ का हृदय

    By डॉ.शैल चन्द्रा
    December 8, 2022
  • पढ़नें जाना है

    अब तो पढ़नें जाना है

    By प्रमोद सोनवानी
    December 10, 2022
  • चाँद पर पानी

    चाँद पर पानी

    By श्याम नारायण श्रीवास्तव
    February 25, 2018
  • एक समय पश्चात्

    By श्याम नारायण श्रीवास्तव
    February 26, 2018

    Timeline

    • December 10, 2022

      अब तो पढ़नें जाना है

    • December 9, 2022

      एक और द्रोणाचार्य

    • December 8, 2022

      माँ का हृदय

    • December 7, 2022

      सार्थकता

    • December 6, 2022

      भैया देखो रोबोट

    Sahitya Vatika- 'साहित्य वाटिका' हिंदी साहित्य में रची जा रही कहानी, कविता, लेख, गीत, गजल, लघुकथा, रिपोतार्ज, संस्मरण, समीक्षा, कॉमिक्स जैसी विधाओं की वाटिका है

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      December 10, 2022
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      December 9, 2022
    • माँ

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      By डॉ.शैल चन्द्रा
      December 8, 2022
    • सार्थकता

      सार्थकता

      By डॉ.शैल चन्द्रा
      December 7, 2022
    • पढ़नें जाना है

      अब तो पढ़नें जाना है

      By प्रमोद सोनवानी
      December 10, 2022
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      चाँद पर पानी

      By श्याम नारायण श्रीवास्तव
      February 25, 2018
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      By श्याम नारायण श्रीवास्तव
      February 26, 2018
    • बसंत

      बसंत

      By गणेश कछवाहा
      February 25, 2018

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