स्टेटस

उसने दीपावली में दो नई शर्ट खरीदी थी | अभी तीन महीने भी नहीं पहना था | एक दिन दरवाजे पर एक भिखारी आया | कुछ मांगने हेतु आवाज लगाई | उसकी पत्नी ने बाहर निकल कर कुछ पैसे दिए और वापस आ गई | भिखारी अभी भी खड़ा था | उसने फिर आवाज लगायी , “साहब बहुत जाड़ा है , कोई पुराना कपड़ा हो तो दे दें |” उसने भीतर से ही सुन लिया | एक बार बाहर आया , भिखारी को नीचे से ऊपर तक देखा | हाथ से रुकने का ईशारा कर , चुपचाप भीतर गया और उन नई शर्टों में से एक लाकर भिखारी को दे दिया | भिखारी खुश होकर दुआएं देता चला गया | ये सब इतना जल्दी हुआ कि उसकी पत्नी कुछ समझ न सकी | वह बहुत आश्चर्य चकित थी |
“ आपने इतनी नई शर्ट उसे क्यों दे दी |” पत्नी ने प्रश्न किया |
“ उसने कहा ठंड लग रही है , तो मैंने दे दिया |” पत्नी शायद उसके उत्तर से संतुष्ट नहीं थी | उसने फिर प्रश्न किया | “ लेकिन नई शर्ट क्यों दे दिया ?”
“ ओ मुझे पसंद नहीं थी |” सच क्या है ? वह टालना चाहता था , लेकिन उसकी पत्नी जानना ही चाहती थी | उसने फिर कहा, “अरे आपने तो इसे अपनी पसंद का ख़रीदा था | उस दिन कह भी रहे थे कि इस बार दोनों शर्टें बहुत अच्छी हैं | लगता है बात कुछ और ही है |”
अंतत: वह अधिक देर तक बहाने न बना सका | उसने स्पष्ट कहा , “ देखो इसी तरह की शर्ट मेरे यहाँ एक वर्कर भी पहन कर आने लगा है |”
स्टेटस – शब्द निष्ठा समारोह














