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      आओ कुछ पेड़ लगायें

      December 3, 2022
      0
    • पढ़ते रहो पाठ प्रेम का

      पढ़ते रहो पाठ प्रेम का

      December 3, 2022
      0
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      आओ हाथ बढ़ाये

      February 5, 2022
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      बेटी बचावा, बेटी पढ़ावा

      February 5, 2022
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      April 27, 2020
      0
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      जीत लें हम, जंग हारी

      April 27, 2020
      0
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      April 27, 2020
      0
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      अब तो हर शख्स को

      April 27, 2020
      0
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      हार गया मन,जीते-जीते

      April 27, 2020
      0
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    • चिठ्ठी

      माँ के नाम की चिठ्ठी

      April 14, 2022
      0
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      अपनी–अपनी संतुष्टि

      April 11, 2020
      0
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      आँधी

      February 18, 2018
      0
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      बच्चा

      February 18, 2018
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      उसके हिस्से की धूप

      February 5, 2018
      0
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      एक और द्रोणाचार्य

      December 9, 2022
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      December 8, 2022
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      December 4, 2022
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      स्वतंत्रता प्राप्ति में महिलाओं का योगदान -रानी अवंतीबाई जी

      December 3, 2022
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      December 3, 2022
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      पढ़ते रहो पाठ प्रेम का

      December 3, 2022
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      स्वतंत्रता प्राप्ति में महिलाओं का योगदान -रानी अवंतीबाई जी

      December 3, 2022
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      इस्पात उद्योग के सन्दर्भ में तकनीकी अनुशासन – क्यों और कैसे

      September 14, 2022
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      जिंदगी में आलू और आलू सी जिंदगी

      September 10, 2022
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    • गुरु घासीदास

      संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास

      April 17, 2022
      0
    • शकुन्तला सिरोठिया

      बाल साहित्य व लोरी गीत की सशक्त हस्ताक्षर शकुन्तला सिरोठिया जी

      February 5, 2022
      0
    • शकुन्तला सिरोठिया

      लता ललित बहु भांति सुहाई

      April 15, 2020
      0
    • शकुन्तला सिरोठिया

      इतिहास के पन्नों से लुप्त होते साहित्यकार : बन्दे अली फातमी

      October 28, 2019
      0
    • शकुन्तला सिरोठिया

      चिन्ताओं से घिरा बाल साहित्य

      February 18, 2018
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      टीवी के आगे बच्चा

      February 18, 2018
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      September 10, 2022
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      फीलिंग का टाइमिंग......

      February 10, 2018
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      पकौड़ा जर्नलिस्ट

      February 5, 2018
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  • अभी तलक बेटे की ज़िंदगी
    गज़ल
    By हर्षराज हर्ष
    April 27, 2020
    287
    0

    अभी तलक बेटे की ज़िंदगी बनाने में लगा है

    अभी तलक बेटे की ज़िंदगी बनाने में लगा है, पिता रिटायरमेंट के बाद भी कमाने में लगा है। जिस दिन से मेरा नाम छपा है अखबार ...
    Read More
  • उस शख़्स को बाग़ से देखकर
    गज़ल
    By हर्षराज हर्ष
    April 27, 2020
    287
    0

    उस शख़्स को बाग़ से देखकर

    उस शख़्स को बाग़ से देखकर जाते हुए, रोने लगते हैं वहाँ के फूल मुरझाते हुए। उसे छू कर देखने का तज़ुर्बा नहीं है मगर, मेरे ...
    Read More
  • Writing
    कविता
    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    353
    0

    क्या लिखूं,कैसे लिखूं ?

    हो गया हूं फिर अपरिचित , क्या लिखूं,कैसे लिखूं , रत्नगर्भा ,रक्तरंजित ! क्या लिखूं ,कैसे लिखूं ? सी रही है हवा फिर से , उस ...
    Read More
  • जीत लें हम
    कविता
    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    380
    0

    जीत लें हम, जंग हारी

    जीत लें हम ,जंग हारी, यह , हमारी कामना है , वह,सुबह होने को आई, पर अभी कोहरा घना है।। दिल , बहुत हैरान है  कि, ...
    Read More
  • मन की बात
    कविता
    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    357
    0

    मन की बात कोई ना समझे

    मन की बात कोई ना समझे , मन     फिर    चला अकेला । तरुणाई   फिर से है मुखरित, कैसा       अद्भुत        मेला ।। झंकृत   है  यौवन    के  स्वर ...
    Read More
  • अब तो हर शख्स को
    कविता
    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    346
    0

    अब तो हर शख्स को

    अब तो हर शख्स को , चिराग  जलाना होगा । अपने अल्फाज में उम्मीदों को सजाना होगा ।। रफ्तार बहुत तेज है बढ़ते हुए  अँधियारों की ...
    Read More
  • हार गया मन
    कविता
    By आदित्य प्रकाश दूबे 'पथिक'
    April 27, 2020
    315
    0

    हार गया मन,जीते-जीते

    हार गया मन,जीते-जीते, फटी जिंदगी ,सीते-सीते, अपने ,अंधियारे बीते हैं , मन की मदिरा पीते-पीते। धूप – छांव के ऊपर -नीचे, कैसा यह कोहराम मचा है? ...
    Read More
  • मन की तारों
    गीत
    By आनंद सिंघनपुरी
    April 20, 2020
    220
    0

    मन की तारों

    मन की तारों को झंकृत कर दो आज, बना धुन गीतों को अलंकृत कर दो आज। रोम-रोम गाने लगे बजे सुमधुर साज, बेसुध नजारों को मीठी ...
    Read More
  • बिल्ली मौसी
    बाल गीत
    By सुशीला साहू
    April 18, 2020
    243
    0

    बिल्ली मौसी

    बिल्ली मौसी आती रोज नहीं किसी से डरती रोज गुड़िया बोली बिल्ली मौसी तुमतो दिखती शेरनी जैसी म्याऊँ – म्याऊँ कर आती हो दूध मलाई खा ...
    Read More
  • दिन थका हारा गया रात मचल के
    गज़ल
    By जयंत पटेल
    April 18, 2020
    350
    0

    दिन थका हारा गया रात मचल के आयी

    दिन थका हारा गया रात मचल के आयी नींद तब जा के इन आँखों में सँभल के आयी उसकी आवाज़ में वो बात नहीं थी हरगिज़ ...
    Read More
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  • पढ़नें जाना है

    अब तो पढ़नें जाना है

    By प्रमोद सोनवानी
    December 10, 2022
  • एक और द्रोणाचार्य

    एक और द्रोणाचार्य

    By डॉ.शैल चन्द्रा
    December 9, 2022
  • माँ

    माँ का हृदय

    By डॉ.शैल चन्द्रा
    December 8, 2022
  • पढ़नें जाना है

    अब तो पढ़नें जाना है

    By प्रमोद सोनवानी
    December 10, 2022
  • चाँद पर पानी

    चाँद पर पानी

    By श्याम नारायण श्रीवास्तव
    February 25, 2018
  • एक समय पश्चात्

    By श्याम नारायण श्रीवास्तव
    February 26, 2018

    Timeline

    • December 10, 2022

      अब तो पढ़नें जाना है

    • December 9, 2022

      एक और द्रोणाचार्य

    • December 8, 2022

      माँ का हृदय

    • December 7, 2022

      सार्थकता

    • December 6, 2022

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      December 10, 2022
    • एक और द्रोणाचार्य

      एक और द्रोणाचार्य

      By डॉ.शैल चन्द्रा
      December 9, 2022
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      माँ का हृदय

      By डॉ.शैल चन्द्रा
      December 8, 2022
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      सार्थकता

      By डॉ.शैल चन्द्रा
      December 7, 2022
    • पढ़नें जाना है

      अब तो पढ़नें जाना है

      By प्रमोद सोनवानी
      December 10, 2022
    • चाँद पर पानी

      चाँद पर पानी

      By श्याम नारायण श्रीवास्तव
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    • एक समय पश्चात्

      By श्याम नारायण श्रीवास्तव
      February 26, 2018
    • बसंत

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      By गणेश कछवाहा
      February 25, 2018

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